लॉकडाउन से मिलती सीख - कविता - अतुल पाठक

लॉकडाउन ने जीवन को इक
आशा की किरण दिखलाई है
लॉकडाउन में मानव के धैर्य की
परीक्षा की घड़ी आई है
लॉकडाउन को गम्भीरता से
मानव को लेना होगा
जीवन जीने के तरीकों को
आज अभी बदलना होगा
लॉकडाउन में घर सुरक्षित रहकर
अपनों को वक़्त देना है
ज़िन्दगी का यह पाठ भी 
हँसते मुस्कुराते पढ़ लेना है
लॉकडाउन में अपना मोरेल
डाउन नहीं होने देना
विपदा के समय भी हिमालय पर्वत सा
डटकर सदा खड़े रहना
जीने की कला जीवन कौशल
जीवन को राह दिखाती है
मुश्किल की घड़ी ही मानव को
मज़बूत इंसान बनाती है
चाहें जो हो जाए कभी न हमको
धीरज  अपना है  छोड़ना
मिलेगी जीत की सौगात हमको
मज़बूत इरादों और बुलन्द हौंसलों से
मुश्किल भरी चट्टानों को है तोड़ना
लॉकडाउन ने मानव को 
स्वच्छता का संदेश दिलाया है
एक मीटर सोशल डिस्टेंसिंग का
कर्तव्य पालन सिखलाया है

अतुल पाठक - जनपद हाथरस - (उत्तर प्रदेश)

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