सुधीर श्रीवास्तव - बड़गाँव, गोण्डा (उत्तर प्रदेश)
नारी सम्मान - कविता - सुधीर श्रीवास्तव
शनिवार, अक्टूबर 10, 2020
नारी बेटी है
बहन है, मां है, पत्नी है,
नारी के विविध रूप हैं, रिश्ते हैं
भारतीय संस्कृति में
नारी की पूजा होती है।
परंतु नारियों के साथ
दुर्व्यवहार, अत्याचार भी होते हैं
नारी का सम्मान जरूरी है,
लोक कल्याण, समाज के लिये
नारी का मान जरूरी है।
सोचने की जरुरत है
क्या हम अपने इष्टों का
अपमान करते हैं?
उन पर अत्याचार करते हैं?
नहीं न!
तो फिर हम क्यों
जिस कन्या/नारी को पूजते हैं,
उस पर तमाम अत्याचार भी
रोज ही करते हैं।
सोचिए, विचारिये
नारी की पूजा, सम्मान कीजिए
अन्यथा आपको सौगंध है
अपने इष्टों की पूजा,
सम्मान करना छोड़ ही दीजिये।
साहित्य रचना को YouTube पर Subscribe करें।
देखिए साहित्य से जुड़ी Videos
साहित्य रचना कोष में पढ़िएँ
विशेष रचनाएँ
सुप्रसिद्ध कवियों की देशभक्ति कविताएँ
अटल बिहारी वाजपेयी की देशभक्ति कविताएँ
फ़िराक़ गोरखपुरी के 30 मशहूर शेर
दुष्यंत कुमार की 10 चुनिंदा ग़ज़लें
कैफ़ी आज़मी के 10 बेहतरीन शेर
कबीर दास के 15 लोकप्रिय दोहे
भारतवर्षोन्नति कैसे हो सकती है? - भारतेंदु हरिश्चंद्र
पंच परमेश्वर - कहानी - प्रेमचंद
मिर्ज़ा ग़ालिब के 30 मशहूर शेर