आनन्द कुमार "आनन्दम्" - कुशहर, शिवहर (बिहार)
आओ मनाये खुशियों का पर्व - कविता - आनन्द कुमार "आनन्दम्"
शनिवार, नवंबर 14, 2020
आओ मनाये खुशियों का पर्व,
झूमें गायें इसमे सब
आओ जलायें उन दियों को,
जो वर्षो पहले बूझ चूके थे
वजह क्या था, गलती किसकी थी,
सारी बातों को भूलकर
आओ आज मै और तुम हम हो जायें,
जैसे दिया और बाती
आओ हम सब मिलकर,
जलायें खुशियों का दिया
आओ मनाये खुशियों का पर्व,
झूमें गायें इसमे सब
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