देना चाहो तो - कविता - डॉ. अवधेश कुमार अवध

रात अगर देना चाहो तो,
चाँद साथ में देना।
दिवस अगर देना चाहो तो,
सूर्य साथ दे देना।
सदा संतुलन नियम प्रकृति का,
इसे छेड़ना घातक-
निर्णय गर देना चाहो तो,
साथ सत्य के देना।।

डॉ. अवधेश कुमार "अवध" - गुवाहाटी (असम)

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