आर एस आघात - अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश)
हाँ मैं किसान हूँ - कविता - आर एस आघात
शनिवार, दिसंबर 05, 2020
सरकार की नीतियों से,
खेती हुई है चौपट,
हालात से बदहाल हूँ,
इसलिए परेशान हूँ। .... हाँ मैं किसान हूँ।
मुझको मिला न वाजिब,
दाम मेरी फसलों का,
फ़सल बेचकर कोडियों में,
कर्ज तले दबा इंसान हूँ। .... हाँ मैं किसान हूँ।
मिलता है भाव सोने के,
खाद-दवा ओर बीज,
बुलन्द कर सकता नहीं,
बिन आवाज़ का मेहमान हूँ। ... हाँ मैं किसान हूँ।
मौसम की ठंड - गर्मी चाहे बरसात,
मुझको डरा सकते नहीं,
बेमौसम वाली आपदा से,
हारा हुआ पहलवान हूँ। ... हाँ मैं किसान हूँ।
साहित्य रचना को YouTube पर Subscribe करें।
देखिए साहित्य से जुड़ी Videos
साहित्य रचना कोष में पढ़िएँ
विशेष रचनाएँ
सुप्रसिद्ध कवियों की देशभक्ति कविताएँ
अटल बिहारी वाजपेयी की देशभक्ति कविताएँ
फ़िराक़ गोरखपुरी के 30 मशहूर शेर
दुष्यंत कुमार की 10 चुनिंदा ग़ज़लें
कैफ़ी आज़मी के 10 बेहतरीन शेर
कबीर दास के 15 लोकप्रिय दोहे
भारतवर्षोन्नति कैसे हो सकती है? - भारतेंदु हरिश्चंद्र
पंच परमेश्वर - कहानी - प्रेमचंद
मिर्ज़ा ग़ालिब के 30 मशहूर शेर