अजय गुप्ता "अजेय" - जलेसर (उत्तर प्रदेश)
जागो जागो हे भगवान - गीत - अजय गुप्ता "अजेय"
गुरुवार, अप्रैल 29, 2021
जागो जागो हे भगवान, ग़फ़लत में ज़ान।
सचमुच अटकी सबकी, टूटी क्षूठी शान।
फट रही छाती घर-घर, दुखी हरेक इंसान।
गाँव-गाँव शहर-शहर, धधक रहे शमशान।।
कितना बेबस है इंसान...
सो रहे हुक्मरान सारे, जागे कवि फ़क़ीर।
कर्तव्यनिष्ठ डॉ. बेबस, छलके नैनन नीर।
ऑक्सीजन कमी से, श्वांसे हुई अधीर।
हाय! हाय! क्रंदन-आँसू, फूटी जन तक़दीर।।
कैसे बाँधू अब धीर...
मेरे भारत की माटी थी चंदन और अबीर।
कोरोना काल ने बदली भारत की तस्वीर।
सागर चरण पखारे था, लौटा नदी में नीर।
विश्व गुरु के देखे सपने, चुभे दंश सम तीर।।
हाय! हाय! तक़दीर...
माफ़ करो हे शिव-शंभू, ग़फ़लत में हर ज़ान।
जगदगुरु ब्रह्माजी श्रीहरि, दो जीवन का दान।।
साहित्य रचना को YouTube पर Subscribe करें।
देखिए साहित्य से जुड़ी Videos
साहित्य रचना कोष में पढ़िएँ
विशेष रचनाएँ
सुप्रसिद्ध कवियों की देशभक्ति कविताएँ
अटल बिहारी वाजपेयी की देशभक्ति कविताएँ
फ़िराक़ गोरखपुरी के 30 मशहूर शेर
दुष्यंत कुमार की 10 चुनिंदा ग़ज़लें
कैफ़ी आज़मी के 10 बेहतरीन शेर
कबीर दास के 15 लोकप्रिय दोहे
भारतवर्षोन्नति कैसे हो सकती है? - भारतेंदु हरिश्चंद्र
पंच परमेश्वर - कहानी - प्रेमचंद
मिर्ज़ा ग़ालिब के 30 मशहूर शेर