डॉ॰ उदय शंकर अवस्थी - लखनऊ (उत्तर प्रदेश)
बचपन - कविता - डॉ॰ उदय शंकर अवस्थी
सोमवार, अक्टूबर 04, 2021
कभी रूठ के तेरा जाना
मुस्कुराना
आना फिर पलट के
हँसना खिलखिलाना
और मचलना रोना
आँसू बहाना
कभी मीठी न्यारी प्यारी
बातों से मन को गुदगुदाना
और कभी ख़ुद से बातें करना
मोह लेता है मन सभी का
प्यारा सा बचपन
दुलारा सा बचपन।
साहित्य रचना को YouTube पर Subscribe करें।
देखिए साहित्य से जुड़ी Videos
साहित्य रचना कोष में पढ़िएँ
विशेष रचनाएँ
सुप्रसिद्ध कवियों की देशभक्ति कविताएँ
अटल बिहारी वाजपेयी की देशभक्ति कविताएँ
फ़िराक़ गोरखपुरी के 30 मशहूर शेर
दुष्यंत कुमार की 10 चुनिंदा ग़ज़लें
कैफ़ी आज़मी के 10 बेहतरीन शेर
कबीर दास के 15 लोकप्रिय दोहे
भारतवर्षोन्नति कैसे हो सकती है? - भारतेंदु हरिश्चंद्र
पंच परमेश्वर - कहानी - प्रेमचंद
मिर्ज़ा ग़ालिब के 30 मशहूर शेर