रमाकान्त सोनी - झुंझुनू (राजस्थान)
संग हमें रहना है - गीत - रमाकांत सोनी
सोमवार, मई 16, 2022
हर मुश्किल संघर्षों को मिलकर हमें सहना है,
कुछ भी हो जाए जीवन में संग हमें रहना है।
संग हमें रहना है।
प्रीत की धारा बह जाए प्रेम सुधारस हम बहाए,
प्यार के मोती लुटाए अपनापन अनमोल बढ़ाए।
हमारी हर ख़ुशियों का दिल का विश्वास गहना है,
महक उठे ये प्रेम हमारा सदा संग हमें रहना है।
संग हमें रहना है।
ज़िंदगी में प्रेम बरसे ख़ुशियों के दीप जलाना है,
रूठ गए जो अपने हमसे जाकर उन्हें मनाना है।
मधुर-मधुर गीत प्यारे मीठे वचनों को कहना है,
सद्भावों की गंगा उमड़े सदा संग हमें रहना है।
संग हमें रहना है।
हार जीत की बात नहीं समझौता तकरार नहीं,
आपस की है समझ हमारी गठबंधन करार नहीं।
समझदारी सद्भावों से अब नफ़रतों को ढहना है,
प्रेम दीप जलाए दिलों में सदा संग हमें रहना है।
संग हमें रहना है।
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