डॉ॰ आर॰ सी॰ यादव - जौनपुर (उत्तर प्रदेश)
अच्छा हो एक दीप जलाओ - कविता - डॉ॰ आर॰ सी॰ यादव
रविवार, अक्टूबर 23, 2022
अच्छा हो एक दीप जलाओ।
सोए मन दर्पण के भीतर,
नन्हा सा एक दीप जलाओ।
अलसाई नींदों से जागो,
ख़ुशियों का संगीत बजाओ।
अच्छा हो एक दीप जलाओ॥
टूटे मन की बेबसी,
ऐसा सुंदर गीत सुनाओ।
फूटे नया सवेरा जग में,
एक ऐसा संदेश फैलाओ।
अच्छा हो एक दीप जलाओ॥
रंग रूप रस और राग के,
बिखरे धुँधले चित्र मिटाओ।
गली-गली हर नगर-नगर से,
अँधियारे को मार भगाओ।
अच्छा हो एक दीप जलाओ॥
हर सूनी आँखों के भीतर,
ऐसा नव उत्साह जगाओ।
जीवन के कंटकमय पथ पर,
हो निर्भीक ख़ुशी फैलाओ।
अच्छा हो एक दीप जलाओ॥
जीवन की मुस्कान बनो तुम,
सर क्यारी में फूल खिलाओ।
महकें जीवन की फुलवारी,
श्रद्धा का नैवेद्य चढ़ाओ।
अच्छा हो एक दीप जलाओ॥
साहित्य रचना को YouTube पर Subscribe करें।
देखिए साहित्य से जुड़ी Videos
साहित्य रचना कोष में पढ़िएँ
विशेष रचनाएँ
सुप्रसिद्ध कवियों की देशभक्ति कविताएँ
अटल बिहारी वाजपेयी की देशभक्ति कविताएँ
फ़िराक़ गोरखपुरी के 30 मशहूर शेर
दुष्यंत कुमार की 10 चुनिंदा ग़ज़लें
कैफ़ी आज़मी के 10 बेहतरीन शेर
कबीर दास के 15 लोकप्रिय दोहे
भारतवर्षोन्नति कैसे हो सकती है? - भारतेंदु हरिश्चंद्र
पंच परमेश्वर - कहानी - प्रेमचंद
मिर्ज़ा ग़ालिब के 30 मशहूर शेर