अमर वीर जवान - दोहा छंद - डॉ॰ राम कुमार झा 'निकुंज'
शुक्रवार, जनवरी 26, 2024
राष्ट्र शौर्य बलिदानियों, भारत सैन्य जवान।
तन मन धन अर्पण स्वयम्, जीवन अमर महान॥
नमन सैन्य की वीरता, नमन साहसी धीर।
करे देश सीमांत चहुँ, भारत माँ के वीर॥
कोटि-कोटि सेना नमन, अमर वीर सन्तान।
मातृभूमि सीमा विजय, अर्पण सैनिक जान॥
अमर पूत माँ भारती, आज़ादी परवाज़।
कोटि-कोटि जनमन नमन, लाज वतन सरताज॥
बलिदानी है बिंदिया, भारत माँ का भाल।
अमर गीत अमरत्व का, रक्षक देश विशाल॥
सुला रही सुत निंदिया, बलिदानी सन्तान।
रक्षण सीमा चहुँ वतन, राष्ट्र तिरंगा शान॥
स्वर्ण भूमि भारत नमन, शत शत वीर प्रणाम।
नमन अन्नदाता वतन, लोकतंत्र अभिराम॥
परमवीर सेना वतन, शौर्य शक्ति बलिदान।
राष्ट्र धर्म रक्षा वतन, अर्पित करते जान॥
अमर ज्योति बलिदान का, बनते देश शहीद।
कर्म त्याग सेना सबल, बनते सभी मुरीद॥
पुलकित लखि सुत वीरता, भारत माँ मन हर्ष।
सम्वाहक भारत प्रगति, शौर्य सबल उत्कर्ष॥
साहित्य रचना को YouTube पर Subscribe करें।
देखिए साहित्य से जुड़ी Videos
साहित्य रचना कोष में पढ़िएँ
विशेष रचनाएँ
सुप्रसिद्ध कवियों की देशभक्ति कविताएँ
अटल बिहारी वाजपेयी की देशभक्ति कविताएँ
फ़िराक़ गोरखपुरी के 30 मशहूर शेर
दुष्यंत कुमार की 10 चुनिंदा ग़ज़लें
कैफ़ी आज़मी के 10 बेहतरीन शेर
कबीर दास के 15 लोकप्रिय दोहे
भारतवर्षोन्नति कैसे हो सकती है? - भारतेंदु हरिश्चंद्र
पंच परमेश्वर - कहानी - प्रेमचंद
मिर्ज़ा ग़ालिब के 30 मशहूर शेर