बोलो जय श्री राम - गीत - सुशील कुमार
रविवार, जनवरी 07, 2024
मर्यादा पुरुषोत्तम आए देखो अपने धाम
सब जन मिलकर बोलो जय श्री राम
दुल्हन जैसी सजी अयोध्या दर्शन को ललसाई
राम मिलन की पावन बेला सदियों बाद सुहाई
आए है निज धाम पुनः प्रभु करने को विश्राम
सब जन मिलकर...
केवट शबरी मुदित हुए मन सगरी प्रजा सुखारी
यातुधान के वंशज देखो रह गए मन को मारी
माँग रहे थे प्रमाण राम का हो गए पूर्ण विराम
सब जन मिलकर...
कैकेई ने तो केवल था चौदह वर्षों वन भेजा
पुर के लोगों ने तब उसको कुलटा पापी बोला
हमने तो सदियों रखा है क़ानूनों के आयाम
सब जन मिलकर...
साहित्य रचना को YouTube पर Subscribe करें।
देखिए साहित्य से जुड़ी Videos
साहित्य रचना कोष में पढ़िएँ
विशेष रचनाएँ
सुप्रसिद्ध कवियों की देशभक्ति कविताएँ
अटल बिहारी वाजपेयी की देशभक्ति कविताएँ
फ़िराक़ गोरखपुरी के 30 मशहूर शेर
दुष्यंत कुमार की 10 चुनिंदा ग़ज़लें
कैफ़ी आज़मी के 10 बेहतरीन शेर
कबीर दास के 15 लोकप्रिय दोहे
भारतवर्षोन्नति कैसे हो सकती है? - भारतेंदु हरिश्चंद्र
पंच परमेश्वर - कहानी - प्रेमचंद
मिर्ज़ा ग़ालिब के 30 मशहूर शेर