हिमांशु चतुर्वेदी 'मृदुल' - कोरबा (छत्तीसगढ़)
म्हारो नववर्ष आयो - गीत - हिमांशु चतुर्वेदी 'मृदुल'
मंगलवार, अप्रैल 09, 2024
आयो रे आयो म्हारो शुभदिन आयो
आयो रे आयो म्हारो नववर्ष आयो
चैत्र नवरात्रि रो प्रथम दिवस आयो
नव प्रभात नवरंग संग साथ लायो
आयो रे आयो म्हारो नववर्ष आयो...
माँ शैलपुत्री रो जय जयकार लगायो
विक्रम संवत् कहलावे, देवी कृपा पायो
आयो रे आयो म्हारो नववर्ष आयो...
कोई बोले गुढ़ी पड़वा, कही पर्व उगादी आयो
रंग गयो आर्यावर्त सारों, मन उल्लास छायो
आयो रे आयो म्हारो नववर्ष आयो...
नव वर्ष नव हर्ष, मिष्ठान मधुर खायों
मन भया सबका पावन, रंग केसरिया छायो
आयो रे आयो म्हारो नववर्ष आयो….
ऋतु रंग बदल रही, प्रमाण स्वयं पायो
मंद मंद धरा मुस्कावे, चित्त आनन्द आयो
आयो रे आयो म्हारो नववर्ष आयो...
ना व्यर्थ शोरशराबा, ना रंगीन चुस्की पायो
मंगल कलश सब धरयो रे, धुन राम गायो
आयो रे आयो म्हारो नववर्ष आयो...
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