सुना है सपने सच होते हैं - कविता - श्याम नन्दन पाण्डेय

सुना है सपने सच होते हैं - कविता - श्याम नन्दन पाण्डेय | Hindi Kavita - Suna Hai Sapne Sach Hote Hain. Motivational Poem About Dreams. सपनों पर प्रेरक कविता
मन की तरंगे बढ़ने दो
मन पतंग सा उड़ने दो
पंख तेरे अब खुलने दो
भ्रम की दीवारें गिरने दो
नैनो में सपने पलने दो
सिंचित-पोषित
बीज अंकुरित होते हैं
सुना है, सपने सच होते हैं।

उम्मीद का सूरज उगने हेतु
अंधियारा मिटाने हेतु
उजियारा फैलाने हेतु
ख़ुशियों के मोती चुनने हेतु
गहराई में,
गोते लगाने पड़ते हैं
सुना है, सपने सच होते है।

बिन थके जो हम
चलते रहें,
कर्तव्य् पथ पर जो
हम डटे रहें,
उत्साह और विश्वास से
हम भरे रहें...
तब जाके हम कर्मठ बनते है
सुना है, सपने सच होते हैं।

श्याम नन्दन पाण्डेय - मनकापुर, गोंडा (उत्तर प्रदेश)

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