महाक्रांति का बिगुल बजाकर - गीत - उमेश यादव | देशभक्ति हिंदी गीत
मंगलवार, अगस्त 13, 2024
महाक्रांति का बिगुल बजाकर, बढ़ो वीर सेनानी।
भारत माँ के वीरों तुमको, लिखनी नई कहानी॥
राष्ट्र सम्मान बढ़ाते चलो, नवल निर्माण रचाते चलो।
है परिवर्तन का यह समय, जगो अब अवसर मत चुको॥
युवा शक्तियों आवाहन है, मिलों एक हो जाओ।
संस्कार संस्कृति को फिर से, घर घर में पहुँचाओ॥
युवा दंपति को तपकर अब, राम कृष्ण गढ़ना है।
संतानों को श्रेष्ठ बना, सोपान नए चढ़ना है॥
जन प्रतिनिधियों तुमको ही अब, राहें नई बनानी।
ओ भारत के वीरों तुमको, रचना नई कहानी॥
मातृशक्ति का है आवाहन, राष्ट्रहित आगे आओ।
ममता करुणा सेवा साहस, भाव पुनः विकसाओ॥
तुम्हें अन्नदाता किसान अब, कीर्तिमान गढ़ना है।
गौपालक संग आगे बढ़कर, क्रांति नई करना है॥
बढ़ो वीर अदम्य साहस से, दुनिया नई बसानी।
ओ भारत के वीरों तुमको, रचना नई कहानी॥
उन वीरों को नमन करें जो, लड़कर प्राण गँवाते हैं।
धन्य धन्य हैं मात पिता जो, ये सपूत उपजाते हैं॥
तीर्थ पुरोहित परिव्राजक, मंदिर जीवंत बनाना है।
धर्म संस्कृति रक्षक हैं जो, उनका मान बढ़ाना है॥
समय बुलाता, आगे आओ, सच्चे युग निर्माणी।
ओ भारत के वीरों तुमको, रचना नई कहानी॥
हर मन में हो राष्ट्रभक्ति अब, जागृति शंख बजाओ।
भारत माँ का प्राचीन गौरव, फिर से वापस लाओ॥
अधर्म अनीति और अनय का, कर दो पूर्ण सफ़ाया।
लहरा दो ध्वज जल थल नभ में, भारतवर्ष हो छाया॥
पूर्ण करो संकल्प राष्ट्रहित, बनो वीर बलिदानी।
ओ भारत के वीरों तुमको, रचना नई कहानी॥
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