हमदर्द - रूप घनाक्षरी छंद - पवन कुमार मीना 'मारुत'

हमदर्द - रूप घनाक्षरी छंद - पवन कुमार मीना 'मारुत' | Roop Ghanakshari Chhand - Humdard - Pawan Kumar Meena
मित्र-मित्र की कही जान जान ज़रा जवान,
मेरे मीत-मीत का कठिन कर्त्तव्य कहान।
वफ़ादार विश्वसनीय विवेकी विचारक,
सच्चाई समझदारी संग सोचत सोहान।
ग़लत ग़लती को कहे समर्थक सत्य का,
सहानुभूति सिखावत साथी जाने जहान।
साथ सुख-दुख देत सहायक सागर-सा,
निस्वार्थी निरभिमानी “मारुत” मीत महान॥

पवन कुमार मीना 'मारुत' - करौली (राजस्थान)

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