संदेश
गणतंत्र की गूँज - कविता - रतन कुमार अगरवाला 'आवाज़'
नव चेतना का पर्व गणतंत्र आया, भारत का गौरव चहूँ ओर छाया। छब्बीस जनवरी का दिन महान, संविधान का गा रहा गर्वित गान। लोकतंत्र की है अनमोल …
सपथ - कविता - शिव शरण सिंह चौहान 'अंशुमाली'
सपथ आज गणतंत्र दिवस पर गाएँ गौरव गान तुम्हारा। मातृभूमि तुम अमर रहोगी जब तक गंगा-यमुना धारा। और अचल हिमगिरि सा उन्नत जब तक ज्योतित ध्र…
गणतंत्र तिरंगा प्यारा है - गीत - डॉ॰ राम कुमार झा 'निकुंज'
भारत मेरे प्राण समझ लो, भारत ही पौरुष मेरा है। देवों ऋषि सन्तों की धरती, नव शौर्य शक्ति जय धारा है। हरित क्रांति ऊर्जा भू उर्वर, कोषाग…
गणतंत्र दिवस - कविता - डॉ॰ रेखा मंडलोई 'गंगा'
स्वतंत्र देश में आया गणतंत्र, आओ मिलकर ख़ुशी मनाएँ। वासंती परिधान पहन कर, मातृभूमि पर बलि-बलि जाएँ। ऋतुराज भी स्वागत में देखों, रंगीन …
गणतंत्र सृजित जय हिन्द वतन - गीत - डॉ॰ राम कुमार झा 'निकुंज'
गणतंत्र सृजित जय हिन्द वतन, जन गण अधिनायक भारत है। जल सप्त सिन्धु प्रच्छालित पद, शुभ सरिता सप्तक भारत है। आज़ादी के दीवाने हम, बल…
गणतंत्र दिवस - कविता - राघवेंद्र सिंह
नव रवि का नव अभ्युदय, था नव राष्ट्र का आवाहन। अरुण बना मधुमय दिवस, संविधान बना जिसका वाहन।। मुक्त हुई यह स्वर्ण धरा, नव पल्लव का हुआ उ…
हमारा गणतंत्र दिवस - कविता - नृपेंद्र शर्मा 'सागर'
हमारा देश लंबी अंग्रेजी दासता से 15 अगस्त, 1947 को मुक्त हुआ किन्तु फिर भी देश ने अंग्रेजों का अधिनियम ही चल रहा था। 26 जनवरी, 1950 दि…
गणतंत्र दिवस - कविता - सीमा वर्णिका
गणतंत्र दिवस का हुआ आगमन, गूँजायमान हुए धरती और गगन। कोहरे की सर्द चादर सिमट गई, बहने लगी सुखमयी बसंती पवन। भारतवर्ष ने बहत्तर वर्ष पू…
26 जनवरी करती सवाल - कविता - कर्मवीर सिरोवा 'क्रश'
देश में आज ख़ुशी का कोई एक घर ना था, हर ठिकाना लग रहा बिल्कुल लालकिला था। नज़र ने हर सम्त हर छोर हर साहिल तक देखा, आसमाँ तो आसमाँ, ज़मीं …
गणतंत्र दिवस हमारा - कविता - रमाकांत सोनी
देश भक्ति में झूमे सारे, मनाए उत्सव मिलकर, गणतंत्र दिवस हमारा, मुस्काए हम खिलकर। हाथों में तिरंगा लेकर, गीत वतन के गाए, आओ आज मिलकर, म…
26 जनवरी अमर रहे - कविता - आशीष कुमार
युगों-युगों तक यह शुभ दिन हर भारतीय को स्मरण रहे, गूँजता रहे फ़िज़ा में नारा 26 जनवरी अमर रहे। गणतंत्र हुआ भारत इस दिन संविधान की ज्योत …
गणतंत्र दिवस - कविता - रतन कुमार अगरवाला
गणतंत्र दिवस का पर्व आया, राष्ट्र ध्वज चारों ओर फहराया, "जन गण मन" गुनगुनाने का, देखो यह पावन दिन आया। 26 जनवरी 1950 का दिन …
गणतंत्र दिवस - कविता - नंदिनी लहेजा
चलो तिरंगा फहराएँ बड़ी शान से, गणतंत्र दिवस मनाये अभिमान से। संविधान के बिन स्वतंत्रता थी अधूरी, संविधान के मिलने से हुई फिर। गणतंत्र क…
जनता का तंत्र गणतंत्र - कविता - कवि दीपक झा 'राज'
जनता का जो तंत्र है, वही गणतंत्र है। भेदभाव की जगह नहीं अब, वंशवाद की लहर नहीं अब, जनता ही अब मालिक है, जनता ही सरकार है। जनता का जो त…
मना रहे गणतंत्र दिवस - कविता - अतुल पाठक 'धैर्य'
मना रहे गणतंत्र दिवस खुश हो झंडा फहराते हैं, याद शहीदों की कर-कर के गीत खुशी के गाते हैं। याद करो चरखे वाले को कैसी अजब कताई की, तोप-त…
राष्ट्रभक्त गणतंत्र हमारा - कविता - डॉ. राम कुमार झा 'निकुंज'
सारे जहां से अच्छा भारत, उन्मुक्त लहराए तिरंगा। संविधान पावन धर्मग्रन्थ अमर रहे गणतंत्र हमारा।। भारत …
छब्बीस जनवरी - कविता - सुषमा दीक्षित शुक्ला
आई है फिर से देश में, छब्बीस जनवरी। लाई है नव संदेश, ये छब्बीस जनवरी। इस ही पवित्र दिवस को, था लोकतंत्र का मन्त्र सजा। मिले मूलअधिकार …
गणतंत्र दिवस - दोहा छंद - डॉ. राम कुमार झा 'निकुंज'
गौरव है स्वाधीनता, पा भारत गणतंत्र। त्याग शील पुरुषार्थ पर, न्याय प्रीति सच मंत्र।।१।। किन्तु आज अवसाद मन, देखा देश विरोध। सत…
आज़ादी - कविता - नूर फातिमा खातून "नूरी"
अंगुली पकड़कर गर्दन पकड़ा था अंग्रेजों ने ग़ुलामी की ज़ंजीर में जकड़ा था अंग्रेजों ने। राजपूत, नवाबों को आपस में लड़ाया था, हिन्दू मुस्ल…
२६ जनवरी आई - गीत - रमाकांत सोनी
छब्बीस जनवरी आई, छब्बीस जनवरी आई, आई होठों पर मुस्कान, खुशियों की बारिश लाई। गणतंत्र दिवस आया, मनाये देश अपना सारा, लहराए तिरंगा शा…
साहित्य रचना कोष में पढ़िएँ
विशेष रचनाएँ
सुप्रसिद्ध कवियों की देशभक्ति कविताएँ
अटल बिहारी वाजपेयी की देशभक्ति कविताएँ
फ़िराक़ गोरखपुरी के 30 मशहूर शेर
दुष्यंत कुमार की 10 चुनिंदा ग़ज़लें
कैफ़ी आज़मी के 10 बेहतरीन शेर
कबीर दास के 15 लोकप्रिय दोहे
भारतवर्षोन्नति कैसे हो सकती है? - भारतेंदु हरिश्चंद्र
पंच परमेश्वर - कहानी - प्रेमचंद
मिर्ज़ा ग़ालिब के 30 मशहूर शेर