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विधा/विषय "पुलिस"
ख़ाकी - कविता - सुषमा दीक्षित शुक्ला
सोमवार, नवंबर 15, 2021
हमें सुलाते जाग-जाग कर, जिनसे है आबाद वतन। जिनका धर्म त्याग सेवा है, उस ख़ाकी को कोटि नमन। शूरवीर ये सच्चे योद्धा, इनसे ही है चैन अमन। …
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