संदेश
राम बसे है सबके मन में - गीत - अजय कुमार 'अजेय'
तेरे तन में और मेरे तन में। राम बसे है सबके मन में॥ जल में, थल में और गगन में, अंतरिक्ष में, अग्नि पवन में, औषधि-वनस्पति, वन-उपवन में,…
राम - कविता - शाहरुख खान
रहे ज्ञात सभी को, लिया था संकल्प हम घर घर दीप जलाएँगे जब राम लाला घर आएँगे अवध की माटी से लेकर हिंद के जल के कण-कण तक सब नास्वर मोह मा…
राम मेरा भी रोया होगा - कविता - राघवेंद्र सिंह | कौशल्या विलाप कविता
एक दिवस रनिवास कोठरी, बैठ अभागन सोच रही थी। विह्वलता के दीप तले वह, स्वयं अश्रु को पोंछ रही थी। सोच रही थी हाय विधाता! तूने यह विधि ठा…
क़दम रखूँ - कविता - दिव्या मिश्रा
क़दम रखूँ ज्यों शिखर पर सराहना हे! राम मन मस्त मगन उड़ती फिरूँ स्वतंत्र बनाना हे! राम ज़िम्मेदारी को सिद्ध करूँ सशक्त बनाना हे! राम क़दम.…
हे राम! तुम्हें उठना होगा - कविता - तेज प्रकाश पांडे
इस कुरूक्षेत्र के प्रांगण में, पांचजन्य के वादन में। इस धर्मक्षेत्र के संगम में, इस कर्मभूमि के आँगन में। उस पांचाली के आँचल में, वृको…
श्रीराम वनवास - मुक्तक - संजय परगाँई
सुनो अवधेश तन मन में, सदा रघुकुल धरोगे तुम, दिया जो था वचन तुमने, उसे पूरा करोगे तुम। यही बस माँगती तुमसे, कहे ये आज कैकेयी, भरत को सौ…
हे राम! - कविता - प्रवीन 'पथिक'
हे राम! तुम्हारे जीवन की झाँकियाॅं, मेरे अंतर्मन को रुदन जल से अभिसिंचित कर, कृतार्थ करती है, जो मुझे पुण्य मार्ग के तरफ़ प्रवृत्त करती…
साहित्य रचना कोष में पढ़िएँ
विशेष रचनाएँ
सुप्रसिद्ध कवियों की देशभक्ति कविताएँ
अटल बिहारी वाजपेयी की देशभक्ति कविताएँ
फ़िराक़ गोरखपुरी के 30 मशहूर शेर
दुष्यंत कुमार की 10 चुनिंदा ग़ज़लें
कैफ़ी आज़मी के 10 बेहतरीन शेर
कबीर दास के 15 लोकप्रिय दोहे
भारतवर्षोन्नति कैसे हो सकती है? - भारतेंदु हरिश्चंद्र
पंच परमेश्वर - कहानी - प्रेमचंद
मिर्ज़ा ग़ालिब के 30 मशहूर शेर