संदेश
विधा/विषय "मनोरम छंद"
किसी के काम आओ - मनोरम छंद - विशाल भारद्वाज "वैधविक"
शुक्रवार, जून 04, 2021
शोर भी है मन व दिल में, काम भी है ज़िंदगी में। जीतना है जीत जाओ, पर किसी के काम आओ। काम भी ऐसा करो की, बात हो सब के अमन की। जीतना है ज…
साहित्य रचना कोष में पढ़िएँ
विशेष रचनाएँ
सुप्रसिद्ध कवियों की देशभक्ति कविताएँ
अटल बिहारी वाजपेयी की देशभक्ति कविताएँ
फ़िराक़ गोरखपुरी के 30 मशहूर शेर
दुष्यंत कुमार की 10 चुनिंदा ग़ज़लें
कैफ़ी आज़मी के 10 बेहतरीन शेर
कबीर दास के 15 लोकप्रिय दोहे
भारतवर्षोन्नति कैसे हो सकती है? - भारतेंदु हरिश्चंद्र
पंच परमेश्वर - कहानी - प्रेमचंद
मिर्ज़ा ग़ालिब के 30 मशहूर शेर